अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) भीषण गर्मी का कहर झेल रहे मरैला फीडर क्षेत्र के निवासियों के लिए बिजली विभाग की सेवाएं इन दिनों सबसे बड़ी मुश्किल बन गई हैं। बार-बार फॉल्ट, घंटों लंबी बिजली कटौती और देर से फॉल्ट सुधारने की शिकायतें अब आम बात हो गई हैं। स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बन गया है कि जब से नवनियुक्त जूनियर इंजीनियर रवि शंकर निषाद साहब ने पदभार संभाला है, तब से यहां बिजली व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।पिछले वर्ष ग्रीष्मकाल में जे.ई. अंकित राज के कार्यकाल में ऐसी विकट स्थिति उत्पन्न ही नहीं हुई थी। उस समय नियमित विद्युत आपूर्ति और फॉल्ट आने पर तुरंत कार्रवाई होती थी। लेकिन इस बार स्थिति उलट है। आम जनमानस में सवाल उठ रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही या फिर स्टाफ की तरफ से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण यह स्थिति बनी है?भीषण गर्मी में दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है। ऐसे में मरैला फीडर के गांवों और मोहल्लों में बिजली न होने से पेयजल, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। छात्र पढ़ाई में परेशान हैं और बुजुर्ग-बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।एक स्थानीय निवासी ने बताया, “रात में भी 2-3 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल रही। फॉल्ट सुधारने वाले स्टाफ को बार-बार फोन करने पर भी देर हो जाती है।”इस संबंध में जब जे.ई. रवि शंकर निषाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नॉट रीचेबल बताता रहा। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने की मांग की जा रही है।स्थानीय लोग अब जिला प्रशासन और ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि मरैला फीडर पर तत्काल विशेष ध्यान दिया जाए, पुरानी लाइनों की मरम्मत की जाए और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए ताकि गर्मी के इस मौसम में आम जनता को राहत मिल सके।अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी उच्च स्तर पर शिकायत करने और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।









