लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रियता और एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग काफी तेज होती जा रही है।
चुनावी सरगर्मियों के बीच नेताओं की बैठकों और मुलाकातों का दौर भी रफ्तार पकड़ चुका है। इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली से आई एक तस्वीर ने पूरे सूबे का सियासी पारा बढ़ा दिया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश सिंह के बीच दिल्ली में अचानक हुई मुलाकात ने हलचल मचा दी है। इस बैठक के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियों का दौर बेहद तेज हो गया है।
अखिलेश यादव के तेवर तल्ख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राजभर के बीच इन दिनों तलवारें खिंची हुई हैं। ऐसे माहौल में अपनी ही पार्टी के इतने बड़े विधायक को विरोधी खेमे के नेता से मिलते देखकर अखिलेश का नाराज होना स्वाभाविक माना जा रहा है। रविवार को जब लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने अखिलेश से इस मुलाकात के सियासी मायने पूछे, तो उन्होंने बेहद रूखे अंदाज में सवाल को टाल दिया। अखिलेश ने तल्ख तेवर दिखाते हुए बस इतना ही कहा कि ‘ये वे दोनों जानें’ और आगे कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। उनके इस संक्षिप्त जवाब ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस पूरी घटना से सख्त नाखुश हैं।
गाजीपुर के दो धुरंधरों का पुराना रिश्ता
उल्लेखनीय हैंकि ओमप्रकाश सिंह समाजवादी पार्टी के अत्यंत प्रभावशाली और पुराने नेता हैं। वे 7 बार विधायक और 1 बार संसद सदस्य के रूप में चुने जा चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे गाजीपुर जिले की जमानिया विधानसभा सीट से जीतकर आए थे। इसके पूर्व वे 2003 से 2007 तक उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री और 2012 से 2017 तक अखिलेश मंत्रिमंडल में पर्यटन मंत्री रह चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ राजभर गाजीपुर की जहूराबाद सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। एक ही जिले से होने के नाते दोनों के बीच पुराना परिचय तो है, परंतु वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात ने सबको चौंका दिया है।
राजभर के तीखे हमलों के बीच सपा खेमे में बढ़ी बेचैनी
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा अध्यक्ष के खिलाफ तीखे बाण चला रहे हैं और उन पर हमला करने का कोई अवसर नहीं गंवाते। ऐसे नाजुक वक्त में सपा के इतने कद्दावर नेता का राजभर से दिल्ली में मिलना सपा के अंदरूनी हलकों में चिंता का कारण बन गया है। विधानसभा में सपा की ओर से हमेशा मुखर रहने वाले ओमप्रकाश सिंह की इस मुलाकात को लेकर विश्लेषक तरह-तरह के समीकरण बैठा रहे हैं। हालांकि दोनों ही नेताओं की ओर से इस बैठक के असल राजनीतिक मकसद और एजेंडे को लेकर अभी तक कोई भी स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
अखिलेश का BJP सरकार पर करारा प्रहार
रविवार को बुलाई गई इस प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार कभी नहीं चाहती कि पीडीए वर्ग के गरीब और पिछड़े बच्चे शिक्षित बनें। आंकड़ों का हवाला देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के भाजपा शासनकाल में प्रदेश भर के 26386 स्कूलों को ताला लगाकर बंद कर दिया गया है, जिससे गरीब बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से चौपट किया जा रहा है ताकि गरीब अपने अधिकारों से वंचित रहें।











