- दलित वोट बैंक के लिए 2027 के पहले पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग हुई तेज़
- एक दूसरे पर आरोप लगाकर मचा सियासी घमासान
- लोहिया जी के धरती पर बाबा साहेब के हितैषी बनने के लिए नेताओं ने खीची जुबानी तलवार
महेश चंद्र गुप्ता/अंबेडकरनगर।(आशा भारती नेटवर्क) देश की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले जनपद के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा साधू वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विपक्षियों पर जमकर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा विपक्षी कांग्रेस व समाजवादी पार्टी सियासी लाभ के लिए बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर जी का दुहाई दे रहे हैं, लेकिन साथियों ये वही लोग हैं जिन्होंने प्रमोशन में आरक्षण का विरोध किया था,ये वही लोग हैं जिन्होंने हमारे महापुरुषों का बार बार अपमान किया है । इतिहास गवाह है। जब ये लोग सरकार में थे तब इन्हीं लोगों ने बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर के नाम पर बने इस जिले के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया था। उन्होंने कहा बाबा साहब के नाम पर बने अम्बेडकरनगर जिला समाप्त कर दिया था । जिसको बचाने के लिए अंबेडकर नगर वासियों को हाई कोर्ट से लेकर के सुप्रीम कोर्ट तक लड़ना पड़ा बाद में सत्य की विजय हुई आगे उन्होंने कहा सरकार में रहते हुए उन जिलों का नाम बदल दिया था जो हमारे महापुरुषों के नाम पर थे । वह जिला चाहे संत रविदास नगर हो या फिर महात्मा ज्योतिबा फुले नगर या कांशीराम नगर या फिर महामाया नगर या पंचशील नगर हो । जब इन महापुरुषों का अपमान हो रहा था,जिला का अस्तित्व मिटाया जा रहा था तब इन लोगों की अम्बेडकरवादी सोच कहां थी । आज जो लोग डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा ले कर घूम रहे हैं उस समय सरकार में थे ,यदि ये लोग दलितों के सच्चे हितैषी होते तो हमारे महापुरुषों का सम्मान करते । तब वे अपने आका से जरूर पूछते कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं ।कुछ लोग जब लालबत्ती में बैठ के घूम रहे थे तब इसी जिले में दलितों पर कितना अत्याचार हुआ था ,तब उनका दलित प्रेम कहां था । जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब न जाने कितने अंबेडकर प्रतिमाएं तोड़ दी गई । इनको बताना चाहिए अपने कार्यकाल में इन्होंने दलितों के लिए क्या किया ? इन्हें ये बताना चाहिए कि महामाया महिला पेंशन योजना को किसने बंद किया ? सावित्री बाई फुले बालिका मदद योजना और डॉ अंबेडकर ग्राम विकास योजना को किन लोगों ने बंद किया ? इसका जवाब ये लोग नहीं देंगे मेरे प्यारे भाइयों जब ये लोग आप के पास जाएं तो ये सवाल जरूर पूछें ,फिर देखिए इनका दलित प्रेम के ढोंग का पोल कैसे खुलता है। आप के मेडिकल कॉलेज का जीवन रक्षक उपकरण आजमगढ़ चला गया तब नेताओं को टांडा और जिले वासियों की याद नहीं आई। वो समाजवादी पार्टी की सरकार थी जिसने संत रविदास नगर का नाम बदल कर भदोही कर दिया था।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बाबा साहेब जी के जीवन से जुड़े हुए पांच स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में स्थापित किया एवं उसके मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया है।
शुक्र है, प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का जिन्होंने पुनः संत रविदास जी को सम्मान दिलाया और उनके नाम पर पुनः जिला बनाया। उसके मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया है।










