- 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
- मोबाइल कॉल के बाद घर से निकले थे सुरेंद्र मांझी
- फावड़े से वार कर की गई थी हत्या
{राजेश प्रताप सिंह क्राइम रिपोर्टर}
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) टांडा कोतवाली क्षेत्र में लकड़ी व्यवसायी सुरेंद्र मांझी की हत्या का मामला 48 घंटे बाद भी उलझा हुआ है। पुलिस अभी तक इस वारदात के आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस लगातार जांच में जुटी है।
यह वारदात 3 मार्च की रात जनार्दनपुर गांव के पास हुई थी। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र मांझी को किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसके बाद वह घर से बाहर निकल गए थे। कुछ ही देर बाद गांव के पास पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार घटना से कुछ समय पहले सुरेंद्र मांझी के मोबाइल पर अरविंद प्रजापति का फोन आया था। फोन पर बातचीत के बाद ही वह घर से बाहर गए थे। शुरुआती जांच में पुलिस ने अरविंद प्रजापति को मामले की अहम कड़ी मानते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
इसी बीच अरविंद प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में जहर से मौत हो गई। उसकी मौत के बाद पूरा मामला और अधिक उलझ गया है। इस घटनाक्रम के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और हत्या की वजह को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस के अनुसार इस मामले में अरविंद प्रजापति का करीबी साथी चंदू घटना के बाद से फरार है। जांच टीम उसे इस हत्याकांड की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। इनमें सर्विलांस, स्वाट और एसओजी की टीम शामिल हैं। ये टीमें तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
हालांकि घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। टांडा कोतवाली के एसएचओ दीपक रघुवंशी ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और फरार संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।










