उत्तर प्रदेश। प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में शनिवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे में हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
भीड़ का दबाव अचानक इतना अधिक बढ़ गया कि स्थिति संभालना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। जनाजे की ओर बढ़ने की कोशिश में बेकाबू भीड़ ने सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस बैरिकेडिंग को भी तोड़ दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत सख्त कदम उठाए और कब्रिस्तान के मुख्य गेट पर आम लोगों का प्रवेश रोक दिया। इसी दौरान लखनऊ जेल से उमर को लेकर पहुंची पुलिस टीम पर नजर पड़ते ही लोग उसे देखने के लिए अचानक टूट पड़े।
4 साल बाद पैरोल पर निकले दोनों भाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली विशेष राहत के बाद अलग-अलग जेलों में बंद अतीक के दोनों बड़े बेटों, उमर और अली को 4 साल के लंबे अंतराल के बाद पैरोल मिली है। दोनों को उनके छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए कड़ी पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया। झांसी जेल से अली को लाने के लिए 400 किलोमीटर के रास्ते पर 30 पुलिसकर्मियों का भारी अमला तैनात किया गया था। अली का चेहरा मीडिया या आम लोगों को नजर न आए, इसके लिए पुलिस वैन पर गहरे पर्दे लगाए गए थे। दूसरी ओर, लखनऊ जेल में बंद उमर को भी 20 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में प्रयागराज पहुंचाया गया।
पिता अतीक और भाई असद के पास ही दफनाया जाएगा।
अबान अहमद के पार्थिव शरीर को कसारी-मसारी के उसी पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी है, जहां उसका पूरा परिवार दफन है। इसी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद, दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें मौजूद हैं। सुरक्षा के लिए कब्रिस्तान के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले हर शख्स की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है। इस बीच अतीक का परिवार चाहता था कि अबान के शव को कुछ देर के लिए कसारी-मसारी स्थित पुराने मकान पर ले जाया जाए, लेकिन पुलिस प्रशासन सुरक्षा कारणों से सीधे कब्रिस्तान जाने के पक्ष में रहा।
मस्जिद में 1 घंटे तक परिजनों से मिलने की मिली इजाजत
अदालत की हिदायतों के अनुसार, उमर और अली की उनके भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से 1 घंटे के लिए मुलाकात कराई जाएगी। इसके लिए कब्रिस्तान के समीप एक मस्जिद में स्थान तय किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों भाइयों को मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत करने या जुलूस निकालने से सख्त मना किया गया है। मुलाकात और अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में पूरी होते ही पुलिस टीम दोनों भाइयों को तुरंत वापस अपनी-अपनी जेलों के लिए लेकर रवाना हो जाएगी।
शाइस्ता परवीन के आने की उड़ी अफवाह
जनाजे के दौरान उमेश पाल हत्याकांड में नामजद और फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। जब अबान का शव हटवा गांव पहुंचा, तो यह बात तेजी से फैल गई कि शाइस्ता अपने छोटे बेटे का अंतिम रूप देखने छुपकर वहां आई थी। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बयान जारी कर ऐसी सभी खबरों को खारिज कर दिया और इन्हें निराधार अफवाह बताया। पूरे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है।









