
- गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने हेतु प्रभावी कार्य करने के दिए निर्देश
- गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के निर्देश, निर्माणाधीन केंद्रों को 30 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य
अंबेडकरनगर, 08 मई 2026।(आशा भारती नेटवर्क)
जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गो आश्रय स्थल की जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं, गोवंश संरक्षण तथा संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में वर्तमान में कुल 35 स्थाई एवं अस्थाई गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें कुल 3536 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि अस्थाई गो आश्रय स्थल रामकोला, रामनगर तथा बृहद गो संरक्षण केंद्र राजेसुल्तानपुर (नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर) का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 30 मई 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि माननीय मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत 786 पशुपालक लाभार्थियों को कुल 1131 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पशुपालकों को योजना से जोड़ते हुए गोवंश सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गो आश्रय स्थलों हेतु नामित जनपद स्तरीय नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट की गो आश्रय स्थलवार समीक्षा की। उन्होंने निरीक्षण रिपोर्ट में चिन्हित कमियों एवं अपेक्षित सुधार कार्यों को संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नोडल अधिकारियों द्वारा बताई गई व्यवस्थागत कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा।
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन हेतु दी गई धनराशि के सापेक्ष नेपियर घास रोपण की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी गो आश्रय स्थलों पर गर्मी से बचाव के लिए शेड के किनारों पर जूट के बोरे एवं टाट-पट्टी व्यवस्थित ढंग से लगाने, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियमित भ्रमण कर बीमार एवं कमजोर गोवंशों की समुचित चिकित्सा सुनिश्चित करने, सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखने तथा मृत गोवंशों के शवों का नियमानुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त दान एवं क्रय के माध्यम से भूसा संग्रहण को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों को स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्मी कंपोस्ट, गो-काष्ठ एवं कंपोस्ट निर्माण जैसे नवाचारों को बढ़ावा देने तथा इस दिशा में विशेष प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने नंदिनी एवं मिनी नंदिनी योजना के अंतर्गत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण हेतु अग्रणी जिला प्रबंधक को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, समस्त नोडल अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।











