
अंबेडकर नगर 13 मई 2026। (आशा भारती नेटवर्क) जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने कलेक्ट्रेट सभागार में लू–प्रकोप (हीटवेव) प्रबंधन के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद में संभावित हीटवेव की स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों, उनके प्रभावी समाधान, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, स्थानीय नगर निकायों, श्रम विभाग, जल निगम, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, सूचना विभाग, अग्निशमन विभाग तथा कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा हीटवेव से निपटने हेतु किए गए प्रबंधों एवं तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर लू–प्रकोप से बचाव हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करें तथा “क्या करें–क्या न करें” संबंधी आवश्यक जानकारियों का प्रचार-प्रसार गांवों, कस्बों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न माध्यमों से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा अत्यधिक गर्मी के दौरान सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, पेयजल एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निकायों एवं पंचायत विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए हीटवेव से जनहानि रोकने एवं आमजन को राहत प्रदान करने हेतु पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
*इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जन सामान्य से हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय (क्या करें-क्या न करें) की एडवाइजरी का अनुपालन करने की भी अपील की*
*क्या करें*
01- प्रचार माध्यमों पर हीट वेव / लू की चेतावनी पर ध्यान दें।
02- अधिक से अधिक पानी पीयें, यदि प्यास न लगी हो तब भी पानी पिये।
03- पसीना शोषित करने वाले हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
04- ग्रुप के चश्में छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें।
05- अगर आप खुले में कार्य करते हैं तो सिर चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें तथा छाते का प्रयोग करें।
06- तू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपडे से पोछे अथवा नहलायें तथा चिकित्सक से संपर्क करें।
07- ओ०आर०एस० घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माङ) नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, जिससे शरीर में पानी भरपाई हो सकें।
08- हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट कैम्प के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सर दर्द, जी मिचलाना, पसीना आना, मुर्छा आदि को पहचाने।
09- अपने घर को ठण्डा रखें, परदे, दरवाजे आदि का उपयोग करें तथा शाम / रात के समय घर तथा कमरों को ठण्डा करने हेतु इसे बोल दें।
10- पंखे, गीले कपड़ों का उपयोग करें तथा बार-बार स्नान करें।
11- यदि मुर्छा या बीमारी अनुभव करते हैं तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें।
12- यात्रा करते समय पीने का पानी अवश्य साथ ले जायें।
13-कार्य स्थल पर ठण्डे पीने का पानी रखें / उपलब्ध करायें।
14- कार्मिकों / कर्मचारियों / मजदूरों को सूर्य के सीधे सम्पर्क से बचने हेतु सावधान करें।
15- श्रम-साध्य कार्यों को ठण्डे समय में करने / कराने का प्रयास करें।
16- घर से बाहर होने की स्थिति में आराम करने की समयावधि तथा आवृत्ति को बढ़ायें।
*क्या न करें*
> जानवरों एवं बच्चों को कभी भी बन्द/खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें।
> गहरे रंग के भारी तथा तंग कपड़े न पहनें।
> दोपहर 12:00 से 04:00 बजे के मध्य सूर्य की रोशनी में जाने से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर के निचली मंजिल पर रहें।
> जब बाहर का तापमान अधिक हो तब श्रमसाध्य कार्य न करें।
> अधिक प्रोटीन तथा बासी एवं संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों का प्रयोग न करें तथा अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ज्योत्स्ना बंधु, प्रभागीय वनाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










