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छात्र-छात्राएं बेहोश, एसपी को पत्थर लगा; आंदोलन से पटना में भारी बवाल; पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

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Asha Bharti News

 

पटना बिहार। राजधानी पटना में सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर छात्र-छात्राएं, मजदूर और किसान आंदोलन के लिए सड़क पर उतर गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर भिड़ंत्त हुई।

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पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की। प्रदर्शकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों पर पहले वाटर कैनन चलाया गया, फिर उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। लाठीचार्ज में कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। कुछ स्टूडेंट्स बेहोश भी हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारी ने पत्थरबाजी भी की। एक पत्थर महिला एसपी के सिर पर आकर लगा, गनीमत रही कि उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। पटना पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।

जानकारी के अनुसार, विभिन्न लेफ्ट छात्र, मजदूर एवं किसान संगठनों की ओर से सोमवार को 11 सूत्री मांगों को लेकर पटना में लोकभवन मार्च निकाला गया। यह मार्च पटना के गांधी मैदान से शुरू हुआ और लगभग 5 घंटे की गहमागहमी के बाद डाकबंगला चौराहा पर बिखर गया। आंदोलन में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों के नर्सिंग और पारा मेडिकल के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। लाठीचार्ज में ये स्टूडेंट्स ज्यादा घायल हुए।

नर्सिंग और पारा मेडिकल छात्र कुलपति को हटाने की मांग कर रहे

दरअसल, बिहार राज्य स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के नर्सिंग और पारा मेडिकल के 80 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं। वह कुलपति को हटाने क़ी मांग कर रहे हैं। डाकबंगला चौराहा पर उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, जिसमें कई छात्र-छात्राएं बेहोश हो गए। वहीं, कई अन्य आंदोलनकारियों को चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

लेफ्ट संगठनों का लोकभवन मार्च

बाढ़ पीड़ितों को राहत और मुआवजा, नई उर्वरक नीति, नई शिक्षा नीति, महंगाई, बेरोजगारी, महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों के राजभवन मार्च पर डाक बंगला पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। सोमवार को प्रस्तावित लोकभवन मार्च के लिए सुबह से ही प्रदर्शनकारी पटना के गांधी मैदान में जुटने लगे थे। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई और दोपहर 12:00 बजे के निर्धारित समय से पहले ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे।

जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी

पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। यहां लगभग आधे घंटे की खींचतान के बीच दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। वे डाक बंगला की तरफ आगे बढ़ गए। यहां पुलिस ने फ्रेजर रोड और न्यू डाक बंगला रोड की तरफ से आने वाले रास्ते को बंद कर दिया। दोनों तरफ से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और बैरिकेडिंग के पास नारेबाजी करने लगे।

डाक बंगला पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज

प्रदर्शन तेज होने के साथ ही पुलिस बल की संख्या लगातार बढ़ती रही। इस बीच प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दोपहर 12:50 बजे वाटर कैनन चलाया गया। प्रदर्शनकारी इस पर भी नहीं माने और लगातार बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करते रहे। दोपहर 1:15 बजे छात्र-छात्राएं बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

एसपी कोमल मीणा को लगा पत्थर

इसी बीच भीड़ से किसी ने पत्थर चला दिया, जिसमें ग्रामीण एसपी कमल मीणा के हेलमेट पर पत्थर लगा। उन्हें चोट आई है। इसके अलावा एक महिला पत्रकार को भी चोट लगी। पत्थर चलने के बाद पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेल दिया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बस में भरकर अपने साथ ले गई।

डाक बंगला पर भारी बवाल

दोपहर 2.40 बजे से पुलिस ने डाकबंगला चौराहा को खाली कराना शुरू कर दिया। इससे पहले प्रशासन ने फ्रेजर रोड छोड़कर बाकी सभी रास्ते खोल दिए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इससे डाक बंगला पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए छात्र-छात्राएं इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ढूंढ-ढूंढकर उन्हें पकड़ने लगी। वाम संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पारा मेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं को भी खदेड़ा जाने लगा। लगभग 3 बजे डाक बंगला पूरी तरह खाली करा दिया गया।

लाठीचार्ज से छात्र-छात्राएं बेहोश

पुलिस की लाठी लगने से नर्सिंग की एक छात्र की तबीयत काफी बिगड़ गई है। बताया जाता है कि उसे हार्ट की समस्या थी और उसके सीने में लाठी मार दी गई। इसके बाद उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई। एंबुलेंस से उसे अस्पताल भेजा गया। दूसरी ओर, पुलिस के लाठीचार्ज से बचने के लिए एक छात्र एटीएम में घुसने के बाद बेहोश हो गया। गंभीर स्थिति में उसे भी अस्पताल ले जाया गया। एक छात्रा सड़क पर गिरकर बेहोश हो गई। कई अन्य छात्राओं की भी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

इन लेफ्ट संगठनों ने किया आंदोलन-

  • अखिल भारतीय किसान सभा
  • अखिल भारतीय छात्र संघ
  • अखिल भारतीय नौजवान संघ
  • अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस
  • भारतीय महिला संघ
  • आशा संघ
  • रसोईया संघ
  • आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका संघ
  • निर्माण मजदूर संघ
  • बिहार राज्य परिषद

11 सूत्री मांगें-

  • बाढ़ पीड़ितों को राहत और मुआवजा के लिए,
  • नई उर्वरक नीति
  • नई शिक्षा नीति
  • शुल्क वृद्धि एवं चार लेबर कोड की वापसी
  • बेरोजगारों को काम
  • भीषण महंगाई
  • रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी
  • व्याप्त भ्रष्टाचार एवं बढ़ते अत्याचार एवं अपराध पर लगाम के लिए
  • महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण
  • कृषि ऋण की माफी
  • बेरोजगारों एवं बुजुर्गों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन।

 

हिंदुस्तान से साभार

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