लखनऊ : (आशा भारती नेटवर्क) राजधानी लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोलागंज के बारूदखाना इलाके में सोमवार सुबह उस समय भारी दहशत फैल गई, जब एक छह मंजिला अपार्टमेंट का मुख्य पिलर अचानक टूट गया। तेज धमाके जैसी आवाज और इमारत में हुए कंपन से फ्लैटों में मौजूद परिवारों को लगा जैसे शक्तिशाली भूकंप आ गया हो।
लोग अपने घरों के दरवाजे तक बंद किए बिना बच्चों और बुजुर्गों को लेकर नीचे की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही वजीरगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपार्टमेंट के 24 फ्लैटों में रहने वाले 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षा की दृष्टि से सामने वाली इमारत को भी खाली कराकर आसपास के 50 मीटर दायरे को बैरिकेडिंग कर पूरी तरह सील कर दिया गया।
भूकंप जैसी दहशत, ईंटों से दिया अस्थाई सहारा
अपार्टमेंट के पांचवें तल पर रहने वाले दवा कारोबारी सैयद शारिक हासिमी ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे अचानक इमारत हिलने लगी। पिलर टूटने के कारण बिल्डिंग के पिछले हिस्से में दरार और गैप आ गया। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी की अगुवाई में पुलिस ने सभी को बाहर निकाला। हादसे को टालने के लिए स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में ईंटें मंगवाकर टूटे पिलर के आसपास अस्थाई सपोर्ट लगाया। घटनास्थल पर जिलाधिकारी विशाख जी, संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार समेत एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और एलडीए के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और भवन की स्थिरता बनाए रखने के उपाय शुरू किए।
अवैध निर्माण और अनदेखी का आरोप
वर्ष 2014 में बने इस भवन के निवासियों ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ साल पहले नियमों के खिलाफ बिल्डिंग की छठी मंजिल बना दी गई थी, जिससे ढांचे पर अत्यधिक भार बढ़ गया। स्थानीय निवासी ठेकेदार इसरार व अन्य लोगों ने बताया कि वे पिछले छह महीनों से इमारत की बदहाली और सुरक्षा को लेकर लगातार शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सड़क पर आया परिवारों का आशियाना
लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत मोहम्मद फरहान और मोहम्मद हसीब जैसे कई आवंटियों ने रोते हुए बताया कि जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर उन्होंने यहां फ्लैट खरीदे थे। पूरी गृहस्थी अंदर छूट गई है और अचानक बेघर होने से वे लाचार हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों के ठहरने और भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा है, जबकि एलडीए निर्माण की वैधता की जांच कर रहा है।









