अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) जनपद मुख्यालय के ठीक बगल में जलालपुर बाईपास पर एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। जहां ऊपर लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकान चल रही है, ठीक नीचे बिना किसी अनुमति के चखना (स्नैक्स) केंद्र फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है।
वीडियो और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दारू की दुकान के ठीक नीचे खुले में चकना बेचा जा रहा है। ग्राहक शराब लेकर नीचे बैठकर पी रहे हैं, चखना खा रहे हैं और पूरा सिस्टम बेखौफ चल रहा है। न तो चखना केंद्र का कोई लाइसेंस है, न कोई टैक्स, न ही स्वास्थ्य विभाग की कोई मंजूरी। फिर भी रात-दिन धंधा चालू है। यह सिर्फ एक जगह की कहानी नहीं है। जनपद मुख्यालय अकबरपुर के अंदर भी कई जगहों पर ऐसी ही अवैध चखना दुकानें दारू की दुकानों के आसपास चल रही हैं। आबकारी विभाग को शराब पर तो राजस्व मिल रहा है, लेकिन चखना के कारोबार पर शून्य टैक्स। अनुमान है कि इस तरह जनपद में हर महीने लाखों रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
“ऊपर दारू बिकती है, नीचे चखना। पुलिस और आबकारी वाले सब जानते हैं। छत्रछाया मिली हुई है, इसलिए ये फल-फूल रहे हैं।”आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारी इसकी जानकारी क्यों नहीं रखते?पुलिस की नजर इस खुले उल्लंघन पर क्यों नहीं जाती?बिना लाइसेंस चखना केंद्र चलाने वालों को संरक्षण किसने दिया?क्या यह सिर्फ अकबरपुर-जलालपुर बाईपास तक सीमित है या पूरे जनपद में यह व्यवस्था चल रही है?कब तक चलेगी यह “ऊपर-नीचे” की गेम? कब तक सरकार का राजस्व लुटता रहेगा? कब तक आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई होगी?जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और पुलिस से इस पूरे मामले की तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अगर समय रहते एक्शन नहीं लिया गया तो यह मामला ऊंचे स्तर तक पहुंच सकता है।











